6 नवंबर 2020 - 11:55
शहीद सुलैमानी की हत्या के अगले दिन बाइडन ने क्या कहा था?

कुछ लोग इस तरह का प्रचार कर रहे हैं कि अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडन, इस देश के वर्तमान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से पूरी तरह अलग हैं, लेकिन क्या यह बात पूरी तरह से सही है?

सच्चाई यह है कि बहुत से मामलों में जो बाइडन पूरी तरह से डोनल्ड ट्रम्प से सहमत नज़र आते हैं और दोनों की नीतियों में यही समानता, संकेत देती है कि बाइडन भी उन मामलों में ट्रम्प की ही नीतियों को अपनाएंगे। उनके इस तरह की नीतियों व बयानों में ईरान के इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बारे में उनके द्वारा अपनाया गया रुख़ है। शहीद सुलैमानी की हत्या के अगले ही दिन बाइडन ने कहा थाः "क़ासिम सुलैमानी के मारे जाने से कोई भी अमरीकी दुखी नहीं होगा और उन पर अमरीकी सैनिकों और क्षेत्र के हज़ारों निर्दोषों के ख़िलाफ़ अपराधों के कारण मुक़द्दमा चला जाना व सज़ा दी जानी चाहिए थी।"

 

उन्होंने इसी तरह कहा थाः "सरकार के बयान में कहा गया है कि इस कार्यवाही (जनरल सुलैमानी की हत्या) का लक्ष्य ईरान की ओर से नए हमलों को रोकना है लेकिन निश्चित रूप से इस कार्यवाही के विपरीत व प्रतिकूल परिणाम सामने आएंगे।" सच्चाई यही है कि ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई समेत ईरान के उच्चाधिकारियों ने कई बार घोषणा की है कि शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बदले का मामला ख़त्म नहीं हुआ है बल्कि उचित समय पर बदला ज़रूर लिया जाएगा। अब जब अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन की जीत की भविष्यवाणियां की जा रही हैं तो उन्हें इस मामले के समाधान के लिए कोई न कोई हल ज़रूर ढूंढना होगा क्योंकि वे इस अपराध को अंजाम देने में ट्रम्प सरकार की ग़लती को भी मान चुके हैं।